12 रबीउल अव्वल की हकीकत: कुरआन और सही हदीस की रोशनी में
प्रस्तावना इस्लाम में हर अमल कुरआन और सही हदीस के मुताबिक़ होना चाहिए। अल्लाह तआला ने फ़रमाया: "आज मैंने तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन मुकम्मल कर दिया, अपनी नेमत तुम पर पूरी कर दी और तुम्हारे लिए इस्लाम को दीन पसंद किया।" (कुरआन 5:3 - सुरह अल-माइदा) इस आयत से साफ़ पता चलता है कि इस्लाम मुकम्मल दीन है और इसमें किसी नए अमल की गुंजाइश नहीं। आज हम देख रहे हैं कि बहुत से लोग 12 रबीउल अव्वल को "मिलाद-उन-नबी" यानी पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ का जन्मदिन मानकर जलूस, महफ़िलें और तक़रीरें करते हैं। सवाल ये उठता है कि क्या ये सब सहीह हदीस से साबित है? --- 12 रबीउल अव्वल की तारीख़ और हक़ीक़त इतिहासकारों और मुहद्दिसीन के बीच ये इख़्तिलाफ़ है कि नबी ﷺ की सही तारीख़-ए-पैदाइश क्या थी। इब्ने इस्हाक़ और इब्ने कसीर रह. ने लिखा है कि नबी ﷺ की पैदाइश आमुल-फील (हाथियों वाले साल) में हुई। तारीख़ पर इख़्तिलाफ़ है: कुछ कहते हैं 8 रबीउल अव्वल, कुछ 9, कुछ 12 और कुछ 10 तारीख़। 📖 हाफ़िज़ इब्ने कसीर (अल-सीरतुन्नबविया, 1/199) लिखते हैं: "पैग़म्बर ﷺ की पैदाइश की तारीख़ में विद्वानों के बीच इख़्तिलाफ़ है...